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पश्चिम बंगाल में निपाह वायरस से पहली मौत हुई
पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले में निपाह वायरस के कारण पहली मौत की खबर आई है। इस वायरस का संक्रमण तेजी से फैल रहा है। स्वास्थ्य विभाग ने स्थिति पर ध्यान देना शुरू कर दिया है।
पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले में एक निजी अस्पताल में मार्च 2026 में निपाह वायरस का मामला सामने आया। यह पहली बार है जब इस वायरस ने पश्चिम बंगाल में मौत का संकेत दिया है। इस वायरस का संक्रमण बहुत खतरनाक हो सकता है, क्योंकि इसकी मौत की दर 40 से 75 प्रतिशत तक हो सकती है।
यह वायरस मुख्य रूप से फल खाने वाले चमगादड़ों से फैलता है। जब लोग संक्रमित चमगादड़ों के संपर्क में आते हैं या उनके बीच संक्रमित फल खाते हैं, तो यह वायरस लग सकता है। हालांकि, अभी भी इस वायरस का कोई विशिष्ट उपचार नहीं है, पर शोध जारी है। इस संक्रमण का पता लगाने के लिए जांच की जाती है।
मार्च 2026 में, इस जिले के एक अस्पताल में दो नर्सें संक्रमित हुईं। इनमें से एक महिला नर्स की 12 फरवरी 2026 को मृत्यु हो गई। उसकी उम्र 25 वर्ष थी और वह अस्पताल की गहन चिकित्सा इकाई में भर्ती थी। वह संक्रमित होने के बाद गंभीर हालत में थी। बाकी नर्स का स्थिति में सुधार हुआ और उसे अस्पताल से छुट्टी दी गई।
महिला नर्स की मृत्यु के बाद, स्वास्थ्य विभाग ने संक्रमण की जानकारी प्राप्त कर जांच और निगरानी तेज कर दी है। उन्होंने उन लोगों की निगरानी बढ़ा दी है जो संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आए थे। सोशल डिस्टेंसिंग और जागरूकता अभियान भी तेज कर दिए गए हैं।
निपाह वायरस के लक्षण बहुत गंभीर हैं। इसमें बुखार, सिरदर्द, मांसपेशियों में दर्द, उल्टी, गले में खराश, चक्कर आना, उनींदापन, चेतना में बदलाव, दौरे, कोमा, असामान्य निमोनिया और तेज श्वसन संकट शामिल हैं। इन लक्षणों के शुरू होने के बाद तुरंत चिकित्सा मदद लेना जरूरी है। 최대 आपातकालीन स्थिति में अस्पताल जाना चाहिए।
इस वायरस का कोई खास टीका अभी विकसित नहीं हुआ है, इसलिए इससे बचाव के लिए सावधानी आवश्यक है। संक्रमित व्यक्ति के संपर्क से बचना महत्वपूर्ण है। खासकर यदि कोई व्यक्ति संक्रमण का खतरा दिखाए, तो उससे दूरी बनाना जरूरी है। संक्रमण की रोकथाम के लिए संबंधित स्वास्थ्य अधिकारियों द्वारा दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।
पश्चिम बंगाल में यह पहली मौत है, और यह खबर स्वास्थ्य विभाग को सतर्क कर गई है। अधिकारियों का कहना है कि वे संक्रमण की जांच कर रहे हैं और प्रभावित इलाकों में निगरानी बढ़ा रहे हैं। सभी नागरिकों से आग्रह किया गया है कि वे संक्रमण का खतरा जानें और सावधान रहें।
यह जानकारी इस वायरस के वैश्विक खतरे को भी दर्शाती है। निपाह वायरस का संक्रमण बहुत तेजी से फैल सकता है, और अभी हमारे पास इसका कोई टीका उपलब्ध नहीं है। इसलिए, सभी को सतर्क रहने और स्वच्छता का ध्यान रखने की जरूरत है। संक्रमण के लक्षण दिखने पर तुरंत जांच कराना जरूरी है और संक्रमित व्यक्तियों से संपर्क से बचना चाहिए।
पश्चिम बंगाल में इस वायरस के फैलने के बाद स्वास्थ्य विभाग और केंद्र सरकार ने आपातकालीन कदम शुरू कर दिए हैं। स्वास्थ्य अधिकारियों का कहना है कि वे संक्रमण को नियंत्रित करने के लिए सभी आवश्यक उपाय कर रहे हैं। आम जनता से भी अनुरोध किया गया है कि वे सावधानी बरतें और अधिक जानकारी के लिए आधिकारिक निर्देशों का पालन करें।